चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम, राजनीतिक दलों ने शुरू की रणनीति
नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। यह चुनाव 10 राज्यों की सीटों पर कराया जाएगा। मतदान 18 जून को होगा, जबकि उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों और रणनीतियों पर मंथन शुरू कर दिया है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक चलेगी। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि उम्मीदवार 11 जून तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न कर ली जाएगी।
राज्यसभा की इन सीटों को लेकर सबसे ज्यादा नजर उन राज्यों पर रहेगी जहां विधानसभा में संख्या बल का अंतर बेहद कम है या सहयोगी दलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे राज्यों में क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़तोड़ की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस समेत क्षेत्रीय दल अब उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे। कई राज्यों में जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रभाव और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना जताई जा रही है।
राज्यसभा चुनाव भले ही सीधे जनता द्वारा नहीं लड़े जाते, लेकिन इनके जरिए संसद के उच्च सदन में राजनीतिक ताकत का संतुलन तय होता है। केंद्र सरकार के लिए राज्यसभा में बहुमत हमेशा से एक बड़ी चुनौती और राजनीतिक प्राथमिकता रही है। ऐसे में यह चुनाव केवल सीटों का नहीं बल्कि भविष्य की संसदीय रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनावों से पहले होने वाला यह राज्यसभा चुनाव कई दलों की अंदरूनी स्थिति और गठबंधन राजनीति की दिशा भी तय करेगा। खासकर विपक्षी एकता और एनडीए की रणनीति पर सबकी नजर बनी रहेगी।


