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Friday, May 22, 2026

आर्थिक तंगी और बीमारी से टूटे व्यापारी ने पत्नी संग दी जान, परिवार में मचा कोहराम

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रामपुर
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद कस्बे में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मुख्य बाजार निवासी बर्तन व्यापारी सुनील रस्तोगी (50) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी नेहा रस्तोगी (45) को पीठ से लगाकर खुद को लाइसेंसी राइफल से गोली मार ली। एक ही गोली से दोनों की मौके पर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। परिवार के अनुसार सुनील लंबे समय से आर्थिक तंगी, बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं जबकि स्वयं सुनील गठिया की बीमारी से परेशान बताए गए हैं।

घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनकर नीचे मौजूद बेटा पीयूष और बेटी कृषि पहली मंजिल पर पहुंचे तो वहां माता-पिता के शव खून से लथपथ पड़े मिले। कमरे में पास ही 315 बोर की राइफल और एक स्टील की रॉड बरामद हुई। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गोली बेहद करीब से चलाई गई थी और उसी एक गोली से दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्य आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।

मामले में सबसे भावुक पहलू वह 15 पन्नों की डायरी बनी, जो पुलिस को घटनास्थल से मिली। डायरी में सुनील रस्तोगी ने अपनी मानसिक पीड़ा, आर्थिक संघर्ष और पत्नी की बीमारी का विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि परिवार की जिम्मेदारियों और लगातार बढ़ती परेशानियों के कारण वह खुद को टूटता हुआ महसूस कर रहे थे। पत्नी की बीमारी और इलाज के खर्च ने उन्हें गहरे अवसाद में पहुंचा दिया था। उन्होंने अपने बेटे पीयूष को “श्रवण कुमार” बताते हुए उसकी सेवा भावना की सराहना की और बेटी के भविष्य को लेकर चिंता भी व्यक्त की। डायरी में यह भी लिखा कि वह परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार डायरी और मौके से मिले सबूतों के आधार पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि घटनास्थल से मिली लोहे की रॉड का इस्तेमाल संभवतः राइफल का ट्रिगर दबाने में किया गया होगा। इस दर्दनाक घटना ने मानसिक तनाव, गंभीर बीमारी और आर्थिक संकट जैसी समस्याओं पर फिर से चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार बेहद शांत और सामाजिक था, इसलिए इस घटना ने पूरे कस्बे को स्तब्ध कर दिया है।

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