फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कुटरा गांव में मिट्टी खनन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धुआँधार मारपीट में बदल गया, भाजपा नेता और सदर विधायक के पूर्व में करीबी रहे दीपक दुबे को दवंगों नें जमकर पीट दिया वह अबैध पर खनन अधिकारी संग लम्बे समय से लगातार निगरानी कर रहे थे, घायल दुबे ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार कुटरा निवासी वीरेंद्र पाल अपनी जमीन से मिट्टी खुदवाकर दूसरे स्थान पर डलवा रहे थे। इसी दौरान खनन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम का नेतृत्व खनन अधिकारी संजय सिंह कर रहे थे। बताया जा दीपक दुबे भी खनन अधिकारी की गाड़ी में मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मौके पर पहुंचते ही खनन अधिकारी की बजाय दीपक दुबे ने वीरेंद्र पाल से मिट्टी खनन की अनुमति को लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इस पर वीरेंद्र पाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब अधिकारी स्वयं कोई सवाल नहीं कर रहे हैं तो बीच में हस्तक्षेप करने का अधिकार उन्हें किसने दिया।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दीपक दुबे द्वारा अभद्रता किए जाने के बाद वीरेंद्र पाल, जोगेंद्र यादव तथा अन्य लोगों ने मिलकर उनकी पिटाई कर दी। ग्रामीणों के अनुसार मारपीट के दौरान चप्पलों से भी हमला किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायल अवस्था में दीपक दुबे किसी तरह कोतवाली फतेहगढ़ पहुंचे और कोतवाल रणविजय सिंह को लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल रणविजय सिंह ने बताया कि मामला सामान्य मारपीट का है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खनन स्थल पर एसडीएम की टीम गई थी तथा उसी दौरान दीपक दुबे खनन अधिकारी की गाड़ी में सवार होकर मौके पर पहुंचे थे।


