नवाबगंज: नवाबगंज में बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के मद्देनजर प्रशासन सतर्क हो गया है। विकासखंड के गौ आश्रय स्थलों में गोवंश को भीषण गर्मी और लू से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमरेश चौहान ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बीडीओ अमरेश चौहान ने सभी गौ आश्रय स्थलों के प्रभारियों, सचिवों और संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्मी से बचाव के लिए गौ आश्रय स्थलों में कई उपाय किए जा रहे हैं। गोवंश को धूप से बचाने के लिए पर्याप्त छायादार स्थानों और शेड की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त तिरपाल या टाट के पर्दे लगाए जा रहे हैं। पशुओं के लिए 24 घंटे साफ और ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिसके लिए चरही (नाद) की नियमित सफाई और पानी भरने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ बड़े आश्रय स्थलों पर गोवंश को राहत देने के लिए पंखे और पानी की बौछार (फॉगर सिस्टम) की व्यवस्था पर भी काम चल रहा है। पशुओं के खान-पान का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। पशु चिकित्सकों की टीम को नियमित रूप से गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लू के लक्षणों की समय पर पहचान हो सके। बीडीओ अमरेश चौहान ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “गौवंश की सेवा और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी गौ आश्रय स्थल पर पानी, चारे या छाया की कमी के कारण गोवंश को परेशानी हुई, तो संबंधित सचिव और केयरटेकर के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
नवाबगंज में बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के मद्देनजर प्रशासन सतर्क


