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Wednesday, May 20, 2026

किसानों की पंचायत में सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

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फर्रुखाबाद। भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र की एक अहम पंचायत कायमगंज के मोहल्ला जवाहरगंज स्थित कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। पंचायत की अध्यक्षता मंजेश यादव ने की, जबकि संचालन प्रताप सिंह गंगवार द्वारा सुबह 11 बजे किया गया।

पंचायत में मौजूद किसानों ने सर्वसम्मति से कहा कि वर्तमान समय में किसान कई मोर्चों पर परेशान है। महंगाई और बढ़ती घूसखोरी ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसानों ने आरोप लगाया कि पहले 250 रुपये में मिलने वाली यूरिया खाद अब 500 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और समय से उपलब्ध न होना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है।

किसानों ने कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण सिंचाई लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। आलू के दाम गिरने से किसान बुरी तरह प्रभावित हैं और उन्होंने आलू पर मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग की। साथ ही यह आशंका भी जताई गई कि मक्का की फसल का भी यही हाल होने वाला है।

पंचायत में बिजली व्यवस्था को लेकर भी भारी नाराजगी देखने को मिली। किसानों ने आरोप लगाया कि कायमगंज क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है और विभाग मनमाने ढंग से कटौती करता है। पूछताछ करने पर अक्सर “फाल्ट” का हवाला देकर टाल दिया जाता है।

किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अवर अभियंता जावेद अहमद और एसडीओ विनोद कनौजिया की कार्यशैली संदिग्ध है। पंचायत में कहा गया कि दोनों अधिकारियों पर अवैध वसूली, गलत बिलिंग, विद्युत चोरी को बढ़ावा देने और कनेक्शन के नाम पर मोटी रकम वसूलने जैसे गंभीर आरोप हैं। किसानों का दावा है कि कई स्थानों पर बिना नियमों के ही 25,000 से 60,000 रुपये तक लेकर कनेक्शन दिए गए, जबकि नियमानुसार पोल और केबल लगाकर कनेक्शन होना चाहिए।

इसके अलावा लाइन जोड़ने, सही बिल कराने और नए कनेक्शन दिलाने के नाम पर भी अवैध धन उगाही के आरोप लगाए गए। किसानों ने यह भी कहा कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों और उत्तर प्रदेश सरकार को शिकायत भेजी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

पंचायत में साफ चेतावनी दी गई कि यदि आरोपित अधिकारियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

इस दौरान पंचायत में मुन्नालाल सक्सेना (प्रदेश सचिव), प्रताप सिंह गंगवार, मंजेश यादव (जिला महासचिव), विनीत कुमार (मीडिया प्रभारी), महिपाल सिंह (तहसील सचिव), गोपाल तिवारी, रामवीर, रामलाल गुप्ता, हेतराम, विपिन सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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