घंटों कटौती से ग्रामीण बेहाल, पेड़ों की छांव में गुजर रहा दिन, खेतों में मंडराया बर्बादी का संकट
अमृतपुर फर्रुखाबाद
तहसील क्षेत्र के गांव गूजरपुर पमारान में विद्युत विभाग की लापरवाही ग्रामीणों और किसानों पर भारी पड़ रही है। भीषण गर्मी के बीच गांव में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीण दिनभर घरों से निकलकर पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हैं, वहीं रात में भी बिजली न आने से लोगों की नींद उड़ चुकी है।
सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है। खेतों में खड़ी मक्के की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है, जबकि मूंगफली की फसल भी सिंचाई न होने से बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि बिजली न आने से ट्यूबवेल बंद पड़े हैं और समय पर पानी न मिलने से फसलों में दरारें पड़ने लगी हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण गांव में लगातार संकट गहराता जा रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग केवल बिल वसूली में सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन गांवों में सुचारु आपूर्ति देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
गांव के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उनकी महीनों की मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर गांव में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि किसानों की फसलें बच सकें और लोगों को राहत मिल सके।


