फर्रुखाबाद। निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए कुपोषण से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा एवं एनआरएलएम), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एनआरसी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं मुख्य सेविकाओं सहित संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का सही तरीके से वजन और लंबाई मापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सैम (SAM) एवं मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों का सही चिन्हांकन कर उनके स्वास्थ्य सुधार एवं पोषण प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें जल्द कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
बैठक में आगामी जून 2026 में चलाए जाने वाले “संभव अभियान” को सफल बनाने के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार करने, नियमित वजन एवं लंबाई मापन कराने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस को कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर एप पर सही आंकड़े दर्ज करने पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी निरीक्षण में गलत डेटा मिलने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने समस्त मुख्य सेविकाओं को दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जबकि बाल विकास परियोजना अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण, समीक्षा बैठक और क्षेत्रीय निरीक्षण कर विभागीय कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी परियोजना अधिकारी निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएं। साथ ही जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, उनका सर्वे कर तत्काल रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने तथा अपात्र व्यक्तियों को योजना से दूर रखने पर भी विशेष बल दिया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को सैम एवं मैम बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के घर-घर जाकर स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि जिन मुख्य सेविकाओं का कार्य संतोषजनक नहीं है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इसी क्रम में मोहम्मदाबाद बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका के खिलाफ भी खराब प्रगति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


