– दलित ग्रामीण महिलाओं ने जातिसूचक ग़ालियों नें नाराज होकर की थी धुनाई
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे को लेकर एक बार फिर मामला गर्मा गया है। दलित ग्रामीण महिलाओं ने एसकेएम इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रीता मिश्रा पाठक पत्नी अवधेश मिश्रा के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुनः सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। महिलाओं का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों और माफिया तंत्र के दबाव में मामला वर्षों से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था और रीता का नाम अवधेश के दवाव में मुक़दमे से निकाल दिया गया था।
अवधेश पर कानूनी शिकंजा कसता देख ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उनके मुक़दमे की फिर निष्पक्ष जाँच हो।नवाबगंज थाना क्षेत्र के वादी मुकदमा जयवीर द्वारा रीता मिश्रा पाठक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान रीता मिश्रा पाठक द्वारा दलित समुदाय की महिलाओं को कथित रूप से जातिसूचक गालियां दी गई थीं, जिससे गांव में भारी आक्रोश फैल गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के दौरान विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्साई महिलाओं ने रीता मिश्रा पाठक की कथित रूप से जमकर पिटाई कर दी थी। मामला उस समय क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना था।
अब ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया है कि मुकदमे में प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते कार्रवाई रोक दी गई और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल सका। महिलाओं का कहना है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने मुकदमे की फाइल दोबारा खोली जाए और निष्पक्ष तरीके से जांच कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। दलित समुदाय की महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।


