फर्रुखाबाद। कमालगंज विकासखंड के जरारी गांव के मजरा खलासपुर में एक दर्दनाक पारिवारिक त्रासदी के बाद बेसहारा हुए सात मासूम बच्चों के लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मदद का हाथ बढ़ाया है। मां की हत्या और पिता के जेल जाने के बाद भूख और बेबसी से जूझ रहे बच्चों के लिए अब गांव में एक नई उम्मीद दिखाई दी है।
जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 में सांचेलाल कठेरिया ने अपनी पत्नी अनीता देवी की कथित रूप से चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में सांचेलाल जेल भेज दिया गया। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद आठ बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए थे। परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे सबसे बड़े भाई की भी पिछले महीने मौत हो गई, जिसके बाद घर में छोटे-छोटे सात बच्चों — तीन बेटियों और चार बेटों — के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया।
समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता के अनुसार गांव के लोगों द्वारा जानकारी मिलने पर सपा जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव तत्काल अपने साथियों के साथ बच्चों के घर पहुंचे। वहां की स्थिति देखकर सभी भावुक हो गए। घर में खाने का सामान तक नहीं था और गैस सिलेंडर भी खाली पड़ा था।
इसके बाद पार्टी नेताओं ने तत्काल आटा, चावल, दाल, तेल समेत अन्य राशन सामग्री उपलब्ध कराई और खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर की व्यवस्था भी कराई। सबसे बड़ी बेटी से बातचीत के दौरान जब उसने दुकान चलाने की इच्छा जताई तो अजीत यादव ने गांव में ही लकड़ी की दुकान बनवाकर उसमें सामान भरवाकर बच्चों के दरवाजे पर रखवा दी।
दुकान का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह दुकान बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है और पार्टी भविष्य में भी हर संभव मदद करती रहेगी।
अजीत यादव ने कहा कि जब वे पहली बार बच्चों के घर पहुंचे थे तो उनके पास पहनने तक के पर्याप्त कपड़े नहीं थे। अब बच्चों के लिए कपड़ों की व्यवस्था भी की गई है और उनके लिए वैकल्पिक रोजगार का रास्ता तैयार किया गया है ताकि उन्हें भूखे पेट न सोना पड़े।
कार्यक्रम में मौजूद जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने कहा कि एक पल के गुस्से ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। अब समाज के सक्षम लोगों को आगे बढ़कर इन बच्चों की मदद करनी चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, रमेश चंद्र कठेरिया, डॉ. जेपी वर्मा, कैप्टन वीरेंद्र सिंह सोमवंशी, अरविंद यादव, देव सिंह यादव, विशाल राठौर समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बच्चों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर यह परिवार भीषण संकट से गुजर रहा था, वहीं समाज के लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मदद ने इन मासूम बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई है।


