फांसी, सड़क हादसे और रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाई दहशत
मनकापुर, इटियाथोक और उमरीबेगमगंज में मातम, पुलिस जांच में जुटी
यूथ इंडिया संवाददाता, गोंडा।
गोंडा जिले में शुक्रवार का दिन बेहद भयावह साबित हुआ। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई सात मौतों ने पूरे प्रशासन और आम जनता को झकझोर कर रख दिया। कहीं सड़क हादसों में लोगों की जान चली गई तो कहीं फांसी लगाकर आत्महत्या की घटनाओं ने सनसनी फैला दी। महज 24 घंटे के भीतर हुई इन घटनाओं के बाद पूरे जिले में दहशत और शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार जिले में तीन अलग-अलग सड़क हादसे हुए, जिनमें कुल पांच लोगों की मौत हो गई। सबसे पहले काजीदेवर क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
इसके बाद मनकापुर क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं इटियाथोक थाना क्षेत्र में हुए एक अन्य हादसे में मां-बेटी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों किसी कार्य से जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मनकापुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने बीमारी और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार युवक लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और आर्थिक तंगी के चलते उसका उपचार भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक छात्रा का शव पेड़ से लटका मिला। सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन पुलिस इसे संदिग्ध मानकर हर पहलू की जांच कर रही है। छात्रा की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक ही दिन में सात मौतों की खबरों ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। सड़क सुरक्षा व्यवस्था, मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण नहीं होने से लगातार हादसे बढ़ रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं इन दर्दनाक घटनाओं के बाद पूरे गोंडा जिले में मातम पसरा हुआ है।


