नई दिल्ली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ लंबी बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार और संगठन में बड़े बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी और अमित शाह के बीच करीब सवा घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। कई मंत्री बड़े और प्रभावशाली विभाग पाने की दौड़ में जुटे हैं, जिसके चलते सरकार के भीतर खींचतान की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में दिल्ली में हुई यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बैठक में केवल विभागों के बंटवारे पर ही नहीं, बल्कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन और सरकार के बीच तालमेल तथा भाजपा संगठन में संभावित फेरबदल पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों के विभागों की घोषणा के साथ-साथ संगठन में भी कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
दिल्ली में इस समय कई नए और पुराने मंत्री डेरा डाले हुए हैं। नए मंत्री जहां अपने मनपसंद विभाग हासिल करने के लिए कोशिशों में जुटे हैं, वहीं कुछ पुराने मंत्री भी अपने विभाग बदलवाने के लिए सक्रिय बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा लोकनिर्माण विभाग को लेकर बताई जा रही है, जहां कई नेताओं के बीच अंदरूनी प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ मंत्री बुधवार सुबह दिल्ली से लखनऊ केवल मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल होने पहुंचे और शाम होते ही फिर राजधानी दिल्ली लौट गए। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि विभागों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान की सहमति से ही होगा।


