नई दिल्ली
राजधानी आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को भारत की नई वैश्विक नीति का स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स संगठन समावेशी और संतुलित विश्व व्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर बराबरी का अधिकार मिले और ग्लोबल साउथ को नई ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाए।
राजधानी दिल्ली में शुरू हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री और कई साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब केवल आर्थिक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया की बदलती ताकत का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने साफ कहा कि भारत बहुपक्षवाद को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए पूरी मजबूती से काम करेगा।
बैठक के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत हर विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए चाहता है। वहीं भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
ब्रिक्स बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जय शंकर कर रहे हैं। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और विकासशील देशों के आर्थिक हितों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा जारी है। भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक वैश्विक राजनीति और आर्थिक संतुलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


