लखनऊ
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद सैफई से लेकर लखनऊ तक शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक यादव हमेशा चाहते थे कि उनके बड़े भाई अखिलेश यादव राजनीति के शिखर पर पहुंचें, जबकि वह खुद राजनीति और सार्वजनिक जीवन से दूर रहना पसंद करते थे।
सैफई गांव के प्रधान रामफल वाल्मीकि और सपा नेताओं के अनुसार, प्रतीक यादव बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में आने की इच्छा नहीं जताई। जब भी वह सैफई आते थे तो गांव के लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं से दूरी बनाए रखते थे।
सपा के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष शाक्य ने बताया कि सैफई और आसपास के क्षेत्रों में प्रतीक यादव की अलग पहचान थी। परिवार से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने खुद को राजनीतिक मंचों से दूर रखा। वहीं मुलायम सिंह यादव के बड़े भाई अभयराम सिंह यादव ने कहा कि प्रतीक के साथ बिताए गए कई पल आज भी यादगार हैं और उनका अचानक चला जाना पूरे परिवार के लिए बड़ा आघात है।
प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही सैफई स्थित यादव परिवार के आवास पर सन्नाटा पसर गया। सुबह से ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और करीबी लोग लखनऊ रवाना हो गए थे। गांव और आसपास के इलाकों से लगातार लोग सैफई पहुंचते रहे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते नजर आए। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर दिनभर प्रतीक यादव के निधन की चर्चा होती रही।
लखनऊ के बैकुंठ धाम में हुए अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और समाजवादी पार्टी के नेता मौजूद रहे। सफेद कुर्ते में मुस्कुराती हुई प्रतीक यादव की तस्वीर ने लोगों की आंखें नम कर दीं।


