लखनऊ। समाजवादी पार्टी संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की मौत के बाद राजधानी लखनऊ का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बुधवार को सुबह ही अखिलेश यादव केजीएमयू पहुंचे, जहां प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम जारी है। अखिलेश यादव के पहुंचते ही अस्पताल परिसर में हलचल तेज हो गई और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम डॉक्टर मौसमी सिंह की अगुवाई वाली मेडिकल टीम कर रही है। पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रतीक यादव के सीने का एक्सरे भी कराया गया। मेडिकल बोर्ड पूरी सावधानी के साथ हर तकनीकी पहलू की जांच में जुटा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएमओ भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए और पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
केजीएमयू परिसर को लगभग हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी तैनात किए गए हैं। हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और परिवार के करीबी लोग भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
वहीं भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट भी मौके पर हैं। परिवार के भीतर गम और तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का दौर लगातार तेज हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि प्रतीक यादव पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव और निजी जीवन की परेशानियों से जूझ रहे थे। उनकी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट भी अब फिर वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्होंने पारिवारिक तनाव और मानसिक स्थिति को लेकर भावुक बातें लिखी थीं। हालांकि परिवार की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


