पाली: राजस्थान में पाली (Pali) जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल (Bangar Hospital) से एक बड़ी खबर आई है। सिस्टम की लापरवाही ने एक युवा की जिंदगी छिन ली। पाली से जोधपुर रेफर किए गए 20 साल के सावन कुमार (patient) की एंबुलेंस में तड़प-तड़पकर मौत हो गई। वजह सिर्फ इतनी थी कि एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर बीच रास्ते में जवाब दे गया। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और एम्बुलेंस चालक व प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
नया गांव सांसी बस्ती के रहने वाले सावन को किडनी की बीमारी थी। रविवार को हालत बिगड़ने पर उसे जोधपुर के एमडीएम (MDM) अस्पताल रेफर किया गया। सावन को 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर लिटाया गया। अभी एंबुलेंस पाली से महज 20 किलोमीटर दूर रोहट के पास ओम बन्ना मंदिर तक ही पहुंची थी कि ऑक्सीजन सप्लाई अचानक बंद हो गई। सावन का दम फूलने लगा। और उसने भाई की गोद में ही दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई देवाराम का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने बताया, जैसे ही ऑक्सीजन बंद हुई, मैंने ड्राइवर से मिन्नतें कीं। उसने कहा कि दूसरा सिलेंडर मंगवा लिया है। लेकिन जब तक सिलेंडर आता, मेरा भाई चला गया। गुस्साए परिजनों ने सावन की बॉडी को वापस बांगड़ अस्पताल लाकर मॉर्च्युरी के बाहर धरना दे दिया।
इस पूरे मामले में 108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मंथन शर्मा ने अजीब सफाई दी है। उनका कहना है कि सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी, बल्कि उसकी चूड़ी में खराबी आ गई थी जिससे सप्लाई रुक गई। दूसरी तरफ, सीएमएचओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्राइवर के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।


