हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में गांव जखेड़ा रहमत के निकट तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसा इतना भयावह था कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में दो महिलाओं और आठ माह के मासूम बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस के मुताबिक, कैंटर बरेली से पंजाब के लुधियाना की ओर जा रहा था। रविवार तड़के करीब तीन बजे जैसे ही वाहन गांव जखेड़ा रहमत के पास पहुंचा, चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया और कैंटर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन में सवार यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
हादसे में हरदोई जिले के मांझ गांव निवासी अभिषेक की पत्नी श्रीदेवी (28) तथा उनके आठ माह के बेटे अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा बरेली के फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के सकतीया सिंगवाली गांव निवासी लालाराम की पत्नी सावित्री देवी (32) ने भी दम तोड़ दिया। वहीं लालाराम और अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार जारी है।
घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटवाकर यातायात सुचारु कराया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने के साथ ही हादसे के कारणों की गहन जांच में जुटी हुई है।
प्राथमिक जांच में पुलिस तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने को हादसे की मुख्य वजह मान रही है। क्षेत्राधिकारी स्तुति सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है तथा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद मृतकों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।


