आगरा। जिले में बढ़ते घरेलू गैस संकट के बीच नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों ने यह फैसला लगातार बढ़ती आपूर्ति समस्या और बैकलॉग को देखते हुए लिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मृतक उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब उनके रक्त संबंधियों या परिचितों के नाम स्थानांतरित कराए जा सकेंगे। इसके लिए निर्धारित जमानत राशि जमा करनी होगी।
जिले में वर्तमान में 88 गैस एजेंसियां संचालित हैं और करीब 13 लाख उपभोक्ता एलपीजी सेवा का लाभ उठा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कारण तेल कंपनियों ने नए कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है।
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी भी उपभोक्ता को नया एलपीजी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। जिन परिवारों में कनेक्शन धारक की मृत्यु हो चुकी है, उनके कनेक्शन को रक्त संबंधियों के नाम ट्रांसफर कराया जा सकता है। इसके अलावा परिचित व्यक्ति भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर कनेक्शन अपने नाम करा सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक माह से लगातार बढ़ रहे गैस सिलिंडरों के बैकलॉग में अब कुछ कमी आई है। बावजूद इसके, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
10 लाख से अधिक आय वालों को नहीं मिलेगी सब्सिडी
सरकार ने साफ किया है कि जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें एलपीजी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। वर्तमान में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर 350 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 12 रुपये प्रति सिलिंडर की राहत मिलती है।
गैस संकट के चलते आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। गृहणियों से लेकर छात्रों तक को सिलिंडर की उपलब्धता और बढ़ती परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आपूर्ति सामान्य होते ही आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।


