– 294 में 207 सीटें जीत भाजपा ने रचा इतिहास, ममता का किला ढहा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आखिरकार वह हो गया जिसकी चर्चा पूरे चुनाव के दौरान होती रही। वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस का किला ढह गया और भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया। भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लग गई है और अब वही पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे।
2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत थी, लेकिन भाजपा ने विपक्ष को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की। वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस करीब 80 सीटों पर सिमट गई।
राजनीतिक गलियारों में इस जीत को “बंगाल की सबसे बड़ी सत्ता क्रांति” बताया जा रहा है। कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा का चेहरा बनकर चुनावी रण में ऐसा चक्रव्यूह रचा कि तृणमूल का पूरा संगठन बिखर गया। नंदीग्राम से शुरू हुई सियासी लड़ाई आखिरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गई।
सूत्रों के मुताबिक 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा की इस जीत के पीछे बूथ मैनेजमेंट, हिंदुत्व कार्ड, संगठन की आक्रामक रणनीति और यूपी मॉडल की चुनावी मशीनरी को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बंगाल में पहली बार भाजपा ने गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों तक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया जिसने तृणमूल के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा दी।
चुनाव परिणाम के बाद कई इलाकों में तनाव और हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बंगाल की सत्ता बदलने के साथ अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि शुभेंदु अधिकारी सरकार कानून व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।
बंगाल में भगवा लहर का विस्फोट, शुभेंदु अधिकारी बनेंगे मुख्यमंत्री


