लखनऊ
प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़ी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भाजपा अब प्रदेश में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने कैबिनेट विस्तार के लिए छह नए चेहरों के नाम लगभग फाइनल कर लिए हैं, जिनमें दो पिछड़ा वर्ग, दो ब्राह्मण, एक दलित और एक महिला नेता को शामिल किए जाने की चर्चा तेज है।
लखनऊ में 11 और 12 मई को भाजपा संगठन की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, बूथ प्रबंधन और संगठन को और मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनावी जीत का सबसे बड़ा आधार मजबूत बूथ संरचना होती है, इसलिए बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्रों और प्रभारियों के सत्यापन का अभियान तेज किया जाएगा।
भाजपा बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद अब उत्तर प्रदेश और पंजाब पर पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि किसी भी स्तर पर संगठन कमजोर न पड़े और जातीय समीकरणों को साधते हुए हर वर्ग तक पहुंच बनाई जाए। इसी रणनीति के तहत प्रदेश में पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को बोर्ड, निगम और आयोगों में भी समायोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लखनऊ पहुंचने के बाद संगठनात्मक बैठकों का दौर और तेज होगा। पार्टी ने पहले नारी शक्ति वंदन अभियान के जरिए महिला वोट बैंक को साधने का प्रयास किया था, वहीं अब पीडीए राजनीति की काट के लिए जातीय और सामाजिक समीकरणों पर विशेष होमवर्क किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा आगामी चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है। पार्टी नेतृत्व सामाजिक संतुलन के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रख रहा है, ताकि प्रदेश के हर वर्ग और क्षेत्र में भाजपा की पकड़ और मजबूत हो सके।


