लखनऊ/रहमानखेड़ा: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही निजी क्षेत्र को भी इस योजना में सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आम और केले के निर्यात में 5 प्रतिशत तथा अंगूर के निर्यात में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह बातें फ्रूट होराइजन-2026 के उद्घाटन अवसर पर कहीं, जो रहमानखेड़ा में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दिनेश प्रताप सिंह को ट्रैक्टर पर बैठाकर आम की फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने पेड़ों पर लगे आमों को हाथ से छूकर उनकी गुणवत्ता और विशेषताओं की जानकारी बागवानों से ली। इस दौरान किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि मलिहाबाद के आमों की मांग रूस समेत कई देशों में लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इन्हें वैश्विक बाजार में और बड़ी पहचान मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आम की शेल्फ लाइफ को 25 से 30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है और अब इसे 40 से 50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्यात लागत कम करने के लिए समुद्री मार्ग को बढ़ावा दिया जाएगा तथा अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए देशों में भारतीय आम भेजने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जलवायु फलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है और प्रदेश में 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त बागवानी शुरू की जा चुकी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है। जल्द ही एक ऐसा एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जो पौध तैयार होने से लेकर फल बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन करेगा। किसानों को फसल संरक्षण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात से जुड़ी ट्रेनिंग देने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “मैं स्वयं किसान हूं, इसलिए किसानों की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझता हूं।”
वहीं कार्यक्रम के दौरान कृषि राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में अधिकारियों को पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने एक अधिकारी का जिक्र करते हुए कहा कि “प्रमुख सचिव बड़ा होता है या चार बार का मुख्यमंत्री और भारत का कृषि मंत्री?” उन्होंने अधिकारियों से समय पर बैठकों में पहुंचने, निर्यात पर ध्यान देने और किसानों की फसलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम करने की अपील की।


