फर्रुखाबाद। जिले में 4550 शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने के बाद उठे विवाद और शिक्षक संगठनों के विरोध के बीच जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बड़ा बयान देकर राहत देने का प्रयास किया है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी विद्यालय के सभी अध्यापकों की ड्यूटी एक साथ जनगणना कार्य में नहीं लगाई जाएगी और विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाया जा रहा था कि कई स्कूलों के पूरे स्टाफ को जनगणना कार्य में लगा दिया गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप होने की स्थिति बन रही है। इस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था बाधित करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराना है।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए संतुलन बनाकर ड्यूटी लगाई जाएगी। कुछ अध्यापकों को विद्यालय में शैक्षणिक कार्यों के लिए रखा जाएगा, जबकि आवश्यकता के अनुसार अन्य शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिक्षकों की समस्याओं और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ड्यूटी सूची की समीक्षा भी की जा रही है। जिन विद्यालयों में सभी शिक्षकों की ड्यूटी लग गई है, वहां संशोधन की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षक संगठनों ने डीएम के इस रुख को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही जमीनी स्तर पर भी राहत दिखाई देगी। हालांकि संगठन अभी भी यह मांग कर रहे हैं कि प्रधानाध्यापक, इंचार्ज और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से यथासंभव मुक्त रखा जाए।
फिलहाल डीएम के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच टकराव की स्थिति कुछ नरम पड़ती दिखाई दे रही है। जिले के हजारों शिक्षकों और अभिभावकों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने शिक्षकों को दी राहत, “स्कूलों के सभी अध्यापकों की जनगणना ड्यूटी नहीं लगेगी”


