
– तालाब पाटकर डाल ली थी सड़क, कुछ माह मे फिर सक्रिय हुआ ‘जमीन माफिया’
फर्रुखाबाद/कायमगंज। जिले में जमीन के खेल का खेला पिछले कुछ समय से फिर सक्रिय हो गया है , जहां तहसील सदर क्षेत्र के जसमई दरवाजे से कृष्णा पेट्रोल पंप के पास करीब 18 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। ज़मीन के खेल के माहिर आयुष रस्तोगी ने यह जमीन मनोज उर्फ पप्पू रस्तोगी से लगभग 18 करोड़ रुपये में खरीदी और बिना किसी वैध लेआउट पास कराए प्लॉट काटकर बेचने की तैयारी शुरू कर दी है ।
मामला सिर्फ अवैध प्लॉटिंग तक सीमित नहीं है,सूत्र बताते हैं कि इसी नेटवर्क ने कुछ समय पहले श्यामनगर क्षेत्र में सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा कर सड़क तक बना दी थी। यह सीधा-सीधा राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण का मामला था। शिकायत के बाद, उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने इस प्रकरण को उठाया, जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया।
प्रशासनिक दबाव में अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगी और जिस तालाब को पाटकर सड़क बनाई गई थी, उसे खुदवाकर पुनः बहाल किया गया। लेकिन अब वही नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है और सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग की महेरबानी और एक स्वंम भू ईमानदार नेता की सरपरस्ती इस पूरे खेल में संदिग्ध भूमिका निभा रही है। बिना लेआउट पास हुए, बिना किसी नक्शा स्वीकृति के इतनी बड़ी जमीन पर प्लॉटिंग कैसे शुरू हो गई? क्या राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि भविष्य में खरीददारों के लिए कानूनी संकट भी खड़ा होता है। बिना अनुमोदन के खरीदे गए प्लॉट पर न तो नक्शा पास होता है, न ही बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे । लोगों का कहना था एक तरफ सरकार अवैध कब्जों और माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर ऐसे खेल लगातार सामने आ रहे थे ।सूत्रों के मुताबिक बदले दौर मे राजस्व विभाग की नजर इस ओर प्रमुखता से है।


