इटावा
जनपद के इकदिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मानिकपुर भीखन में रविवार को पुश्तैनी जमीन और ट्रैक्टर के बंटवारे को लेकर चल रही पंचायत अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों के साथ अवैध असलहों से फायरिंग तक हो गई, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। इस खूनी संघर्ष में बाबा-नाती समेत तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानिकपुर भीखन निवासी पंकज का अपने चचेरे भाई देवेन्द्र और धर्मेन्द्र के साथ करीब ढाई बीघा जमीन और संयुक्त रूप से खरीदे गए ट्रैक्टर के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को गांव के मंदिर परिसर में पंचायत बुलाई गई थी, जहां दोनों पक्षों के परिजन और ग्रामीण मौजूद थे।
बताया जाता है कि पंचायत के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इसी बीच अवैध असलहों से फायरिंग भी शुरू हो गई, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। घटना के दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें एक युवक हाथ में तमंचा लेकर दूसरे पक्ष के व्यक्ति को दौड़ाता हुआ नजर आ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सिटी अभय नारायण राय और थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया। घायलों में एक ही परिवार के बाबा और नाती समेत तीन लोग शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष के शिवम कुमार ने आरोप लगाया कि जब वे थाने में शिकायत करने जा रहे थे, तभी विपक्षियों ने उन्हें रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। वहीं दूसरे पक्ष के जयवीर सिंह का कहना है कि ट्रैक्टर और जमीन के पैसों को लेकर विवाद था, जिसके चलते दूसरे पक्ष ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए फायरिंग की।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है और दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही गांव में किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। क्षेत्राधिकारी अभय नारायण राय ने बताया कि वायरल वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और संपत्ति विवाद के चलते बढ़ती हिंसा की ओर इशारा करती है, जहां छोटी-छोटी बातों पर विवाद खूनी संघर्ष का रूप ले लेते हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।


