29 C
Lucknow
Sunday, May 3, 2026

दहेज के लालच में विवाहिता की हत्या, साक्ष्य मिटाने के लिए गुपचुप तरीके से जलाया शव, 9 माह की मासूम लापता

Must read

पटना: बिहार की राजधानी पटना (Patna) के दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र से वारदात सामने आई है। यहां दहेज के लालच में न केवल एक 24 वर्षीय विवाहिता (Married woman), पुष्पा कुमारी की कथित तौर पर हत्या कर दी गई, बल्कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को खेत में ले जाकर जला दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि मृतका की 9 माह की दुधमुंही बच्ची, लाडो, भी रहस्यमयी तरीके से लापता है।

​मृतका पुष्पा कुमारी की शादी महज 16 महीने पहले डुमरी गांव के निवासी कौशल कुमार के साथ बड़े अरमानों से हुई थी। पिता गुड्डू कुमार ने अपनी सामर्थ्य अनुसार बेटी को विदा किया था, लेकिन ससुराल वालों की लालच की भूख शांत नहीं हुई। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति कौशल कुमार, सास-ससुर और अन्य सदस्य एक मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग को लेकर पुष्पा को प्रताड़ित करने लगे थे।

​परिजनों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पुष्पा काफी डरी हुई थी। उसे ससुराल पक्ष की ओर से जान से मारने की लगातार धमकियां मिल रही थीं। पिता ने बताया कि घटना से एक दिन पहले शाम करीब 6 बजे उनकी बेटी से बात हुई थी, लेकिन उसके ठीक बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। अनहोनी की आशंका के बीच जब अगली सुबह खबर मिली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

​सूचना मिलते ही जब पुष्पा के मायके वाले डुमरी गांव पहुंचे, तो वहां का नजारा भयावह था। ससुराल के सभी लोग घर छोड़कर फरार थे। गांव के पास पुनपुन नदी के किनारे एक खेत में पुष्पा का शव जल रहा था। परिजनों के वहां पहुंचने तक शरीर का अधिकांश हिस्सा राख हो चुका था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस और मायके वालों को भनक लगे बिना ही आनन-फानन में शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की।

​दुल्हिनबाजार थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों को कब्जे में लिया है और FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है। हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को स्थानीय स्तर पर यह जानकारी मिली है कि कल शाम महिला ने विवाद के बाद आत्महत्या की थी, लेकिन बिना कानूनी प्रक्रिया के शव जलाना और परिवार का फरार होना हत्या के संदेह को पुख्ता कर रहा है।

पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब 9 माह की मासूम लाडो को ढूंढना है। मां की मौत के बाद से ही बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। यह मामला बिहार में दहेज उत्पीड़न की भयावह वास्तविकता को एक बार फिर उजागर करता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article