– आगे काम के लिए दोबारा आवेदन जरूरी
प्रयागराज। संविदा कर्मचारियों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम और सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा है कि संविदा (कॉन्ट्रैक्ट ) की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारी को सेवा जारी रखने का कोई स्वतः अधिकार नहीं होता।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति आगे भी काम करना चाहता है, तो उसे नए सिरे से आवेदन करना होगा, न कि पुराने अनुबंध के आधार पर नौकरी जारी रखने की मांग कर सकता है।
यह टिप्पणी ECHS पॉलीक्लिनिक फतेहपुर से जुड़े मामले में आई, जहां रिटायर्ड कर्नल विभाई मान सिंह ने अपनी सेवा समाप्ति को चुनौती दी थी।
मामले के अनुसार, उनकी नियुक्ति केवल 3 महीने की संविदा अवधि के लिए की गई थी, जो तय समय पूरा होने पर समाप्त कर दी गई। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सेवा जारी रखने की मांग की।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि संविदा नियुक्ति अस्थायी और शर्तों पर आधारित होती है, इसलिए अवधि पूरी होते ही उसका स्वतः समाप्त होना स्वाभाविक है।
कोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि संविदा कर्मचारियों के लिए नियम और शर्तें सर्वोपरि हैं। अनुबंध खत्म होने के बाद सेवा जारी रखने का दावा करना कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
यह फैसला उन हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ा संकेत है, जो अनुबंध खत्म होने के बाद भी सेवा जारी रखने की उम्मीद रखते हैं। अब साफ है कि नौकरी की निरंतरता के लिए प्रक्रिया और नियमों का पालन अनिवार्य होगा, न कि भावनात्मक या व्यक्तिगत आधार पर राहत मिलेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्पष्ट फैसला: “संविदा खत्म तो सेवा खत्म”


