नवाबगंज, फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी के बीच राहत देने के लिए लगाए गए वाटर कूलर पिछले एक साल से बंद पड़े थे—लेकिन अब “यूथ इंडिया” की खबर ने सिस्टम को झकझोर दिया है। नगर पंचायत ने आखिरकार संज्ञान लेते हुए खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक कराने का काम शुरू कर दिया है।
नगर में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ये वाटर कूलर शुरुआत से ही सवालों में थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि कई कूलरों में बिजली कनेक्शन तक नहीं था, जिसके कारण वे ठंडा पानी देने के बजाय केवल शोपीस बनकर रह गए। तपती गर्मी में जहां आम लोग पानी के लिए परेशान थे, वहीं ये कूलर प्रशासनिक उदासीनता की मिसाल बन गए थे।
“यूथ इंडिया” ने 28 अप्रैल को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था और जमीनी हकीकत उजागर की थी—कि कैसे जनता के पैसे से खरीदे गए संसाधन उपयोग में ही नहीं आ रहे। खबर के प्रकाशित होते ही नगर पंचायत हरकत में आई।
अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को निर्देश जारी कर सभी वाटर कूलरों को दुरुस्त करने और उन्हें चालू हालत में लाने के आदेश दिए। गुरुवार को नगर में मरम्मत कार्य शुरू होते ही कई जगह तकनीकी टीम कनेक्शन और मशीनों को ठीक करती नजर आई।
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अगर मीडिया दबाव न बनाता, तो यह काम शायद और महीनों तक लटका रहता। नागरिकों ने “यूथ इंडिया” का आभार जताया और कहा कि यह उदाहरण बताता है कि मजबूत और निष्पक्ष पत्रकारिता कैसे सीधे जनता के जीवन को प्रभावित कर सकती है।


