आगरा
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दायर रिवीजन मामले में बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार की अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
पिछली सुनवाई के बाद कंगना रनौत की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में एक प्रार्थनापत्र दाखिल किया था, जिसमें 30 अप्रैल को आदेश पारित न करने का अनुरोध किया गया था। इस आवेदन के चलते मामले में आगे की कार्रवाई पर अस्थायी रूप से स्थिति बनी रही।
वादी पक्ष के अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा के अनुसार, 3 अप्रैल को मामले में अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी और 16 अप्रैल को आदेश सुनाए जाने की तिथि तय थी, लेकिन उस दिन कोई निर्णय नहीं हो सका।
आरोप है कि इस दौरान शिकायतकर्ता पक्ष को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से जुड़े बिंदुओं पर बहस और दस्तावेजों को चिन्हित करने की अनुमति दी गई, जिसे वादी पक्ष ने अपने लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया संबंधी लाभ बताया है।
वादी पक्ष का यह भी कहना है कि अदालत ने पूर्व में केवल उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद 3 अप्रैल को कुछ अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिन्हें रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया।
कंगना रनौत के अधिवक्ता ने इन नए दस्तावेजों पर जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है, ताकि पूरी तैयारी के साथ पक्ष रखा जा सके। इसी कारण आज की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें अदालत आगे की दिशा तय कर सकती है।


