आगरा
ईदगाह रेलवे स्टेशन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर पब्लिक कनेक्टिविटी को देखते हुए यहां ट्रेनों के ठहराव में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।
वर्तमान में ईदगाह स्टेशन से करीब 51 ट्रेनों का संचालन हो रहा है और रेलवे प्रशासन इसे और बढ़ाने की तैयारी में है। इस फैसले से यात्रियों को सीधी ट्रेन सुविधा, कम भीड़ और अधिक यात्रा विकल्प मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आगरा फोर्ट स्टेशन पर सीमित जगह और बढ़ते दबाव के कारण कई ट्रेनों का संचालन अब ईदगाह स्टेशन की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। फिलहाल आगरा फोर्ट पर लगभग 39 ट्रेनों का संचालन रह गया है, जबकि ईदगाह को प्राथमिकता दी जा रही है।
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि ईदगाह स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सके।
स्टेशन पर रेल लाइनों के विस्तार के साथ-साथ बांदीकुई–बयाना ट्रैक के दोहरीकरण से ट्रेनों की आवाजाही और अधिक तेज व सुचारू होगी। इससे ट्रेनों के संचालन में देरी की समस्या भी कम होने की संभावना है।
इसके अलावा अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज, दिव्यांगजन सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, डिजिटल साइनबोर्ड और नए बुकिंग काउंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ईदगाह स्टेशन के साथ-साथ 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राजा की मंडी रेलवे स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से आगरा क्षेत्र की रेलवे कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।


