लखनऊ
प्रदेश में लाखों शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक नया डिजिटल पोर्टल लगभग तैयार हो चुका है, जिसे जल्द ही लाइव किया जाएगा।
सरकार के निर्णय के अनुसार शिक्षकों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। यह फैसला कैबिनेट द्वारा जनवरी में लिया गया था, जिसके बाद अब इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस योजना को लागू करने के लिए साचीज के सहयोग से एक विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों का डेटा मानव संपदा पोर्टल से स्वतः अपडेट हो जाएगा, जबकि शिक्षकों को अपने आश्रितों की जानकारी स्वयं भरनी होगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 1.35 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर भी तैयारी की जा रही है, जहां कुलसचिव द्वारा डाटा का सत्यापन और अनुमोदन किया जाएगा।
इसके बाद यह जानकारी राज्य स्तर पर स्टेट नोडल अधिकारी के पास भेजी जाएगी, जिससे अंतिम प्रक्रिया पूरी की जा सके। अधिकारियों के अनुसार पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा के अनुसार पोर्टल का ट्रायल चल रहा है और सभी शिक्षकों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि इसे मई तक पूरी तरह से शुरू कर दिया जाए, जिससे शिक्षकों को समय पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सके और उन्हें आर्थिक बोझ से राहत मिले।


