रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र स्थित नवजीवन अस्पताल में मंगलवार शाम करीब 4 बजे 34 वर्षीय सीमा नामक महिला की मौत के बाद भारी हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, सीमा एक सड़क हादसे में घायल हुई थीं। उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर एम्स से रेफर किया गया था, जिसके बाद सोमवार रात लगभग 8 बजे उन्हें सारस चौराहे के पास स्थित नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद इलाज के नाम पर उनसे लगातार पैसे वसूले गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर शैलेश श्रीवास्तव ने मरीज को जल्द ठीक करने का भरोसा दिलाकर किस्तों में लगभग डेढ़ लाख रुपये वसूल लिए। उनका यह भी दावा है कि मरीज की मौत काफी पहले हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पैसे लेने के लिए उन्हें इसकी सही जानकारी नहीं दी।
मृत्यु की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा किया। सूचना पर मिल एरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नवीन चंद्र ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासन ने अस्पताल में अनियमितताओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी पाए जाने पर उसे सील कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में गंदगी और आवश्यक सुविधाओं का भी भारी अभाव पाया गया है। इसके आधार पर अस्पताल के लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. नवीन चंद्र ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


