रामपुर जिले के हजरतपुर गांव में स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में करीब एक सप्ताह पहले हुए रहस्यमयी धमाके में गंभीर रूप से घायल कबाड़ बीनने वाले पप्पू (40) की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और मृतक के परिवार में गहरा शोक फैल गया है।
यह हादसा उस समय हुआ जब पप्पू रोज की तरह हजरतपुर स्थित कूड़े के ढेर में कबाड़ बीन रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह कूड़े के ढेर के पास डंडा मारकर कबाड़ खोजने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से पप्पू को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसने दम तोड़ दिया।
पप्पू काशीपुर गांव का रहने वाला था और अपने पीछे पत्नी और पांच छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें सबसे बड़ा बेटा मात्र 10 साल का है। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया।
पुलिस ने मेरठ में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया, जिसने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट दी।
जांच में सामने आया कि धमाका संभवतः कूड़े में मौजूद पटाखे पर भारी वस्तु के गिरने से हुआ, जिससे विस्फोट हुआ। हालांकि पुलिस अभी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कूड़े के ढेर में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि बम निरोधक दस्ते की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आया है, लेकिन मामले की पूरी तह तक पहुंचने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ एक गरीब परिवार की जिंदगी उजाड़ दी है, बल्कि ट्रंचिंग ग्राउंड की सुरक्षा व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


