-प्रशासन का रूट डायवर्जन प्लान जारी
फर्रुखाबाद। 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री के गंगा एक्सप्रेस-वे उद्घाटन कार्यक्रम से पहले जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। प्रशासन द्वारा जारी रूट डायवर्जन प्लान ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के नाम पर आम जनता की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगाई जाएगी। सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था सुरक्षा है या फिर जनता के लिए परेशानी का नया संकट?
जारी प्रेस नोट के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे पर थाना गदिया रंगीन क्षेत्र से प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यानी इस मार्ग से किसी भी प्रकार का आवागमन नहीं होगा। सबसे ज्यादा असर कायमगंज, जलालाबाद और हरदोई की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
इलाहाबाद-फर्रुखाबाद रूट पर भी भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। बसों को भी डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ेगा। चार पहिया वाहनों के अलावा अन्य सभी वाहनों के लिए इलाहाबाद मार्ग बंद रहेगा।
प्रशासन ने हरदोई और शाहजहांपुर जाने वाले भारी वाहनों को भी रोकने और डायवर्ट करने के आदेश दिए हैं। हरदोई जाने वाले ट्रक और बड़े वाहन अब जलालाबाद-बरेली मोड़ होते हुए लंबा रूट तय करेंगे। इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी सीधा असर पड़ना तय है।
कट क्षेत्र में कुरिया कला चौकी के पास हरदोई की ओर जाने वाले सभी भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यानी इस क्षेत्र में ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहेगा। सबसे अहम बात यह है कि यह डायवर्जन 28 अप्रैल शाम 6 बजे से लागू होकर 29 अप्रैल रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। यानी करीब 30 घंटे तक जिले की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदली रहेगी।
जमीनी हकीकत क्या कहती है?
जिले में रोजाना करीब 15 से 20 हजार छोटे-बड़े वाहन इन मार्गों से गुजरते हैं।ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के अनुसार, डायवर्जन से ईंधन खर्च में 20-30% तक बढ़ोतरी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से जाम की समस्या से जूझ रहे फर्रुखाबाद में यह प्लान और बड़ी मुसीबत बन सकता है।


