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Monday, April 27, 2026

तालाब में धक्का देकर हत्या का आरोप पूरे दिन सुस्ती से आक्रोश, ग्रामीणों का हंगामा

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– थाना प्रभारी की कार्यशैली पर लोगों मे नाराजगी

फर्रुखाबाद,कमालगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया देवधरापुर में दुःखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 40 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में डूबकर मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10 बजे मृतक आदेश राजपूत का पड़ोसी ग्राम नगरिया निवासी युवक इंद्रपाल ठाकुर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था । आरोप है कि विवाद के दौरान इंद्रपाल ने आदेश को धक्का देकर गांव के तालाब में गिरा दिया, जिससे वह पानी में डूब गया, और उसकी मौत हो गईं ।वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि वह शराब के नशे में था और खुद ही तालाब में गिर गया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से आदेश के शव को बाहर निकाला गया ।घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव का पंचनामा भराने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए, मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। बावजूद इसके, पुलिस पूरे दिन मामला दर्ज करने में टालमटोल करती रही, जिससे परिजनों का गुस्सा और भड़क गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद मुकेश राजपूत ने थाना प्रभारी निरिक्षक को फोन कर परिजनों से बात कराने की कोशिश की, लेकिन नाराज परिजनों ने उनकी बात भी सुनने से इनकार कर दिया और नाराजगी जाहिर की। लगभग शाम 4 बजे क्षेत्राधिकारी अमृतपुर अमरपाल सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद राजपूत और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शीलचंद्र राजपूत के हस्तक्षेप के बाद जाकर एफआईआर दर्ज की गई।मौके पर स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब क्षेत्र में लोधी समुदाय के लोगों की भीड़ तेजी से इकट्ठा होने लगी।

हालात बिगड़ते देख क्षेत्राधिकारी अमरपाल सिंह ने मौके पर कमान संभाली और अपनी कार्यकुशलता से माहौल को काबू में किया। इसी दौरान जब घटनास्थल पर मौजूद ट्रैक्टर चालक ने शव को ले जाने से इनकार कर दिया, तो क्षेत्राधिकारी ने तत्काल निर्णय लेते हुए थाना अध्यक्ष की सरकारी गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उनकी इस तत्परता से एक बड़ा विवाद होने से टल गया और स्थिति नियंत्रण में रही।

एफआईआर दर्ज होने के बाद शाम 5:25 बजे शव का पंचनामा भरा गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल कमालगंज थाना प्रभारी ललित कुमार की कार्यशैली चर्चा का विषय रही । आरोप है कि उन्होंने पूरे दिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैलता गया।स्थिति को संभालने के लिए जहानगंज थाना प्रभारी पूनम अवस्थी को भी मौके पर आना पड़ा, जिन्होंने हालात को काबू में करने की कोशिश की।

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