फर्रुखाबाद। लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन के साथ-साथ बेजुबान पशु-पक्षियों का जीवन भी संकट में डाल दिया है। तापमान में लगातार इजाफा होने के कारण जहां लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं गौवंश, कुत्ते, पक्षी और अन्य जीव पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, पोखर और जलस्रोत सूखने के कगार पर हैं, जिससे पशुओं के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सड़कों पर घूम रहे गौवंश प्यास से व्याकुल होकर कभी नालियों तो कभी गंदे पानी के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में जगह-जगह पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या और भी विकराल होती जा रही है। कई सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने अपने स्तर पर जगह-जगह पानी के बर्तन रखकर कुछ राहत देने का प्रयास जरूर किया है, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के दौरान पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना मानवीय कर्तव्य है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बड़ी संख्या में बेजुबान जीवों की जान पर बन सकती है।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और गौशालाओं के आसपास पानी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि इन बेजुबान जीवों को राहत मिल सके। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें, जिससे पशु-पक्षियों को इस भीषण गर्मी में कुछ राहत मिल सके।
भीषण गर्मी में प्यास से तरस रहे गौवंश व अन्य जीव, व्यवस्था न होने से बढ़ी चिंता


