वाशिंगटन: ट्रंप (Trump) ने अमेरिका में क्राइम कंट्रोल करने के लिए तालिबानी फरमान (Taliban decree) सुनाया है, जिसे सुनकर बड़े से बड़े अपराधी की पतलून गीली हो जाएगी। ट्रंप प्रशासन के न्याय विभाग ने बताया है कि अमेरिका में मौत की सजा पाए खूंखार अपराधियों के लिए ‘फायरिंग स्क्वाड’ को मैदान में उतार दिया गया है। ये सरेआम उन्हें गोलियों से भून देंगे। अभी तक अमेरिका में सबसे दर्दनाक सजा ‘लीथल इंजेक्शन’ को माना जाता था, लेकिन अब ट्रंप की ‘बुलेट जस्टिस’ के तहत अपराधी का सीना गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा।
ये सजा देने का एक बहुत पुराना और खौफनाक तरीका है। इसमें मौत की सजा पाए अपराधी की आंखों पर पट्टी बांधी जाती है और उसे एक दीवार के सामने खड़ा कर दिया जाता है, फिर उसके सामने हथियारों से लैस कई बंदूकधारी खड़े होते हैं और एक साथ उसके सीने पर गोलियां दाग देते हैं। ट्रंप का मानना है कि जब तक सजा ‘खौफनाक’ नहीं होगी, तब तक अपराधियों के मन में डर पैदा नहीं होगा।
बाइडन सरकार के दौरान फांसी और मौत की सजा को लेकर जो ढील दी गई थी, ट्रंप ने उसे पूरी तरह पलट दिया है। अभी तक अपराधी सालों-साल जेल में पड़े रहते थे और कानूनी दांव-पेंच में सजा टलती रहती थी। ट्रंप ने अब इस प्रक्रिया को ‘सुपरफास्ट’ बना दिया है। यानी गुनाह साबित हुआ तो मौत देने में सालों का इंतजार नहीं होगा. अब सिर्फ ‘जहरीला इंजेक्शन’ काफी नहीं है। सरकार ने ‘फायरिंग स्क्वाड’ को भी सजा की लिस्ट में शामिल कर लिया है ताकि अपराधियों को उनके कर्मों की अंतिम सजा तुरंत मिल सके।
एक्टिंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने दहाड़ते हुए कहा कि पिछला प्रशासन उन दरिंदों को सजा देने में नाकाम रहा जिन्होंने बच्चों और पुलिसवालों का कत्ल किया. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप पीड़ितों के साथ खड़े हैं। अब खूंखार अपराधियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। अब उन्हें उनके पापों की ‘अल्टीमेट पनिशमेंट’ भुगतनी ही होगी।’
इसी साल मार्च 2026 में साउथ कैरोलिना में एक डबल मर्डर के आरोपी को फायरिंग स्क्वाड के सामने खड़ा करके मौत दी गई थी। अभी तक यह सजा सिर्फ अमेरिका के 5 राज्यों तक सीमित थी, लेकिन अब ट्रंप इसे पूरे देश में ‘फेडरल लेवल’ पर लागू कर रहे हैं।


