शाहजहांपुर, 25 अप्रैल। जिला निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में नगर पंचायत कटरा में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में उपनिर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सहायक निर्वाचन निदेशक, राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश तथा अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बताया गया कि दिनांक 05 मई को प्रातः 07:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक मतदान संपन्न कराया जाएगा। मतगणना दिनांक 07 मई को प्रातः 08:00 बजे से विकास खण्ड तिलहर में की जाएगी।
बैठक में इस बार उपनिर्वाचन के दौरान पहली बार Facial Recognition Based Voter Identification System (FRS) के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। यह अत्याधुनिक एआई आधारित प्रणाली मतदान प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की, जिनमें भारतीय जनता पार्टी से विजय मोहन मिश्रा, कांग्रेस से राजनीश मिश्रा, समाजवादी पार्टी से मोहम्मद शहनवाज तथा ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी से दानिश जीशान खान शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में FRS तकनीक के प्रयोग का समर्थन किया और इसे निष्पक्ष चुनाव की दिशा में सकारात्मक कदम बताया,,
FRS एप्लिकेशन की कार्यप्रणाली
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित FRS (Facial Recognition Based Voter Identification System) एक एआई आधारित आधुनिक तकनीक है, जिसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना है। इस प्रणाली के माध्यम से मतदाताओं की पहचान का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा, जिससे फर्जी एवं दोहरे मतदान की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
मतदान के दिन मतदाता को पूर्व की भांति अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसके आधार पर मतदान अधिकारी मतदाता सूची में नाम का सत्यापन करेंगे। इसके पश्चात FRS एप्लिकेशन के माध्यम से पहचान पत्र की फोटो एवं मतदाता की लाइव फोटो कैप्चर की जाएगी, जिनका आपस में मिलान कर सत्यापन किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित मतदाता द्वारा पूर्व में कहीं अन्य स्थान पर मतदान न किया गया हो।
FRS मोबाइल एप्लिकेशन एंड्रॉइड आधारित है, जिसमें मतदान अधिकारी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से OTP के माध्यम से लॉगिन करेंगे। एप में बूथ की जानकारी, मतदाता सूची एवं अन्य आवश्यक विवरण पूर्व से उपलब्ध रहेंगे। मतदान प्रारंभ होने से पूर्व अधिकारी अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे तथा निर्धारित समय पर “Start Poll” विकल्प के माध्यम से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे।
मतदाता की पहचान के लिए SVN नंबर, नाम अथवा मतदाता क्रमांक के आधार पर विवरण खोजा जाएगा। सत्यापन के दौरान यदि फोटो का मिलान सफल होता है तो मतदाता को आगे मतदान हेतु भेजा जाएगा, जबकि असंगति की स्थिति में पीठासीन अधिकारी द्वारा आवश्यक जांच कर निर्णय लिया जाएगा। यदि कोई मतदाता दोबारा मतदान का प्रयास करता है, तो FRS प्रणाली द्वारा उसे चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित किया जाएगा।
एप में उपलब्ध “Reports” सेक्शन के माध्यम से मतदान से संबंधित समस्त आंकड़ों—जैसे कुल मतदान, फोटो मिलान की स्थिति, डुप्लीकेट प्रयास, टेंडर वोट एवं मतदान से मना करने के प्रकरण—की निगरानी भी की जा सकेगी।
डेटा सुरक्षा एवं गोपनीयता
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि समस्त डेटा आयोग के सुरक्षित सर्वर पर निर्धारित मानकों के अनुरूप संरक्षित रखा जाएगा। डेटा की गोपनीयता, सुरक्षा एवं अखंडता सुनिश्चित की जाएगी तथा इसे किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा और न ही किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाएगा।
⸻
मतदाताओं से अपील
जिला प्रशासन द्वारा सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने वैध पहचान पत्र के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचें, नई तकनीक पर विश्वास रखें एवं अपने अमूल्य मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।


