अमृतपुर/फर्रुखाबाद
तहसील क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इन दिनों भीषण गर्मी के चलते मरीजों से खचाखच भरा नजर आ रहा है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डाला है, जिसमें सबसे अधिक मासूम बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं।
शनिवार को पीएचसी अमृतपुर में करीब 110 मरीजों का उपचार किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, तेज गर्मी के कारण बच्चों में उल्टी-दस्त, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सुबह होते ही अभिभावकों की लंबी कतारें स्वास्थ्य केंद्र पर लगनी शुरू हो जाती हैं, जिससे व्यवस्था पर भी दबाव साफ दिखाई दे रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. गौरव राजपूत ने बताया कि इस समय जरा सी लापरवाही बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने विस्तार से सलाह देते हुए कहा कि बच्चों को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बिल्कुल न निकलने दें। उन्हें बार-बार पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ या अन्य तरल पदार्थ देते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। बाहर का खुला और बासी खाना देने से बचें तथा घर का ताजा और हल्का भोजन ही दें।
डॉ. राजपूत ने यह भी कहा कि बच्चों में अगर बार-बार उल्टी, दस्त, तेज बुखार, सुस्ती, मुंह सूखना या पेशाब कम आना जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आएं। उन्होंने अभिभावकों से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और बच्चों को धूप से बचाकर रखने की अपील की।
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पीएचसी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ लगातार मरीजों की सेवा में जुटे हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें।


