लखनऊ: उत्तर प्रदेश ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान (Pakistani) की खुफिया एजेंसी ISI और गैंगस्टर्स के इशारे पर काम कर रहे दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ATS को इनपुट मिला था कि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाया जा रहा है। जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर और हैंडलर्स इंस्टाग्राम व अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय युवाओं को टारगेट कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान (20) निवासी बागपत (हाल पता मेरठ) और समीर खान (20) निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। एटीएस ने दोनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के संपर्क में आए थे। इनके जरिए युवाओं को भारत में संवेदनशील स्थानों की रेकी करने, हमला करने और विशेष समुदाय को निशाना बनाने के निर्देश दिए जा रहे थे।
आरोपियों को टारगेट किलिंग के लिए उकसाया गया और इसके बदले पहले 50 हजार रुपये तथा काम पूरा होने पर 2.5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। साथ ही उन्हें पाकिस्तान बुलाने की भी योजना थी। एटीएस के मुताबिक, आरोपियों को हथियार और पैसे भी मुहैया कराए गए थे। उनके मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, वीडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड बातचीत के सबूत मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ‘TTH (Tehrik-e-Taliban Hindustan)’ जैसे संगठनों के नाम पर दीवारों पर लिखने और लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। साथ ही कुछ लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। एटीएस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिनमें यूएपीए और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। फिलहाल दोनों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है।
एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। एजेंसी को शक है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा “दैनिक जागरण स्टाइल” में और धारदार या लोकल एंगल के साथ भी लिख सकता हूँ।


