– प्रशासनिक फैसले से मचा हड़कंप
फर्रुखाबाद। शहर में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। जे.एन. वर्मा रोड स्थित बलराम गैस एजेंसी की डीलरशिप को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जिसके बाद हजारों उपभोक्ताओं को दूसरी गैस एजेंसियों में शिफ्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके में अचानक हलचल तेज हो गई है और उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, एलपीजी वितरण प्रबंधक दीपक राणा के माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को अवगत कराया गया कि एजेंसी के पार्टनर देशदीपक पुत्र स्व. छविराम के निधन के बाद परिवार और अन्य साझेदारों के बीच गंभीर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। हालात इतने बिगड़े कि गैस कंपनी के सक्षम अधिकारियों को हस्तक्षेप करते हुए डीलरशिप को अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा।
प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए प्रभावित उपभोक्ताओं को अलग-अलग गैस एजेंसियों से जोड़ दिया है ताकि आपूर्ति बाधित न हो।
जितेंद्र गैस सर्विस से सिविल लाइन फूस बंगला, रखा सेंट्रल जेल और निनौआ क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जोड़ा गया है।
रमा शिव इंडेन गैस सर्विस के अंतर्गत नगला नैन, बजाजा, बेवर रोड, इंद्रा कॉलोनी और कुटरा गांव के उपभोक्ताओं को स्थानांतरित किया गया है।
पीयूष इंडियन गैस सर्विस को शहर के बड़े हिस्से अंबेडकर कॉलोनी, मछली टोला, दालमंडी, कर्नलगंज, दुर्गा कॉलोनी, फतेहगढ़, ग्वालटोली, हाथीखाना, कासिमबाग, सैनिक कॉलोनी समेत कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा भैरव पल्ला गैस एजेंसी को याकूतगंज, नेकपुर, आवास विकास और भोलेपुर के उपभोक्ताओं को जोड़ा गया है।
प्रशासन का दावा है कि गैस आपूर्ति बाधित नहीं होगी, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उपभोक्ताओं को अब नई एजेंसी में रजिस्ट्रेशन, केवाईसी और अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ेगा, जिससे अस्थायी परेशानी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फर्रुखाबाद जैसे जिले में एक बड़ी एजेंसी के निलंबन से प्रतिदिन हजारों सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे ब्लैक मार्केटिंग और कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ जाती है।
बलराम गैस एजेंसी निलंबित, हजारों उपभोक्ता दूसरी एजेंसियों में शिफ्ट


