: रामलला के दर्शन कर बोले—“अयोध्या आना प्रभु के घर आने जैसा दिव्य अनुभव”
अयोध्या
नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव बुधवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े प्रमुख स्थलों पर दर्शन-पूजन किया। उनके इस दौरे को आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अयोध्या देश के सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों में से एक है और हाल के वर्षों में यहां भव्य विकास कार्य भी हुए हैं।
राज्यपाल ने अपने दौरे की शुरुआत हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन से की, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे राम जन्मभूमि पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। मंदिर परिसर में पहुंचते ही उन्होंने श्रद्धा भाव से पूजा की और रामलला के चरणों में शीश नवाया।
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि भगवान राम हमारे “पाहुन” (अतिथि) हैं और इसलिए वे अपने पाहुन के घर आए हैं। उन्होंने अयोध्या यात्रा को अत्यंत पवित्र और भावनात्मक अनुभव बताते हुए कहा कि यहां आकर आत्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव होता है।
उन्होंने राम मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, गौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया। राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य और त्याग की प्रेरणा देता है, जो आज के समाज के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना प्राचीन काल में था।
इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान है और यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देता है। उन्होंने यह भी माना कि रामायण में वर्णित आदर्श परिवार व्यवस्था और समर्पण की भावना आज भी समाज को दिशा देती है।
अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों और बढ़ते धार्मिक पर्यटन पर टिप्पणी करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नई अयोध्या आध्यात्मिकता और आधुनिक विकास का संगम बन रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह शहर विश्व स्तर पर आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनेगा।


