“जहां सुविधाएं कम होती हैं,वहां सच्ची सेवा की पहचान होती है”…डॉ.विनय शर्मा जी ने इस पिछड़े क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर यह साबित कर दिया कि असली समाजसेवा दिल से होती है…दिखावे से नहीं…!!
उनका करोना काल से लेकर अब तक सेवा भाव समर्पण,करुणा और निस्वार्थ सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणा है…जो किसी से छुपा नहीं है…दिखावा करने वाले समाज सेवियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए…जब आप हकीकत में धरातल पर काम करते हो तभी सच्ची सेवा करते हो…गरीब मजबूर बेसहारा जरूरतमंद लोगों की मदद कर उनकी आवाज बनते है तब होती है,असली समाजसेवा होती…जो बात लोगों को डॉ•विनय शर्मा जी से सीखनी चाहिए…!!
महाप्रबंधक की कुर्सी से जनता की चौखट तक : डॉ.विनय शर्मा के संघर्ष और सेवा की अनकही दास्तान…!!
शाहजहाँपुर की माटी ने कई लाल पैदा किए…लेकिन जलालाबाद विधानसभा के पृथ्वीपुर (ढाई) निवासी डॉ.विनय शर्मा पृथ्वीपुर की कहानी कुछ अलग है…यह कहानी सत्ता की चाह की नहीं,बल्कि व्यवस्था परिवर्तन और ऋण उतारने की है…!!
बी.टेक और एम.टेक जैसी डिग्री हासिल करने के बाद, विनय शर्मा जी ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में महाप्रबंधक के पद तक का सफर तय किया…देश के बिजली तंत्र को संभालने वाले इस शख्स के पास आरामदायक जीवन के तमाम विकल्प थे,लेकिन उनके दिल में अपने गांव और पिछड़े क्षेत्र के लिए कुछ करने की तड़प थी…उन्होंने अपनी काबिलियत का फायदा खुद के लिए नहीं,बल्कि समाज के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया…!!
दुनिया ने देखा है कि आपदा में लोग अवसर तलाशते हैं,लेकिन विनय शर्मा ने समर्पण को चुना…कोरोना काल में जब अपने भी अपनों से दूर भाग रहे थे,तब विनय शर्मा जी ने लाखों मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया…खास बात यह थी उन्होंने कभी कैमरे के सामने पोज नहीं दिया…वे कहते हैं कि गरीब की मजबूरी की नुमाइश करना मानवता का अपमान है…यह सोच उन्हें आज के नेताओं से कोसों दूर और जनता के दिलों के करीब ले जाती है…!!
जलालाबाद की सबसे बड़ी समस्या पलायन और अशिक्षा रही है…विनय शर्मा जी ने इसे जड़ से मिटाने के लिए विद्या ग्रुप के जरिए नर्सिंग,फार्मेसी और आईटीआई संस्थानों का जाल बिछाया…आज क्षेत्र की बेटियां नर्सिंग पढ़ रही हैं और युवा तकनीकी रूप से सक्षम हो रहे हैं…वहीं,100 बेड का चैरिटेबल अस्पताल इस बात का गवाह है कि उनके लिए राजनीति व्यापार नहीं,बल्कि उपचार है…!!
30 साल का प्रशासनिक अनुभव और भाजपा की विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा—विनय शर्मा एक ऐसे पॉलिटिकल आर्किटेक्ट हैं जो जानते हैं,कि विकास का नक्शा कैसे बनाया जाता है…बरेली से लेकर शाहजहाँपुर तक,संगठन के हर काम में उनकी कुशलता और चाणक्य नीति ने पार्टी को मजबूती दी है…!!
जलालाबाद को किसी ऐसे चेहरे की तलाश नहीं है जो सिर्फ चुनाव में दिखे…उसे तलाश है एक अभिभावक की…एक ऐसा नेतृत्व जो शिक्षित हो,जिसके पास विजन हो और जो सत्ता में न होते हुए भी अस्पताल और कॉलेज चलाकर समाज सेवा कर रहा हो…!!
विनय शर्मा जी का व्यक्तित्व चीख-चीख कर कह रहा है कि अब समय आ गया है कि योग्यता को अवसर मिले,ताकि विकास केवल कागजों पर नहीं,बल्कि जलालाबाद की सड़कों पर दिखे…!!


