लखनऊ
प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर लगातार जारी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सचिवालय सेवा के 30 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसमें 17 विशेष सचिव और 13 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिनके विभागों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब इससे पहले महज दो दिनों के भीतर 64 आईएएस अधिकारियों का भी बड़े पैमाने पर तबादला किया गया था। लगातार हो रहे इन तबादलों को सरकार की प्रशासनिक कसावट और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जारी सूची के अनुसार, कई अहम अधिकारियों को नए विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विनोद कुमार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से हटाकर सचिवालय प्रशासन में भेजा गया है, जबकि प्रभात कुमार को चिकित्सा शिक्षा से ऊर्जा विभाग में तैनाती दी गई है। आनंद प्रकाश सिंह को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में भेजा गया है। इसके अलावा लाल बहादुर यादव को कृषि विभाग से उपभोक्ता मामले विभाग और विनय कुमार सिंह को पर्यावरण एवं वन विभाग से धर्मार्थ कार्य विभाग में स्थानांतरित किया गया है।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों की नई तैनाती की गई है, ताकि विभिन्न विभागों में कार्यों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर तबादले सरकार के कामकाज में तेजी लाने और जवाबदेही तय करने की मंशा को दर्शाते हैं। आने वाले समय में इन बदलावों का असर सरकारी योजनाओं के धरातल पर दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।


