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Tuesday, April 21, 2026

बड़ा फर्जीवाड़ा: माफिया के गुर्गे सपा नेता कौशल सिंह यादव नें बाउंस चेक, जाली सौदा कर की संगठित ठगी

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– पुलिस में शिकायत, जाँच के आदेश

फर्रुखाबाद। जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर एक और बड़ा धोखाधड़ी के मामले में पुलिस नें जाँच शुरू की है , जहां विक्रय पत्र के जरिए भरोसा दिलाकर करीब ₹20 लाख की रकम हड़प लिया गया है। पीड़िता श्रीमती रेनू ने पूरे मामले को संगठित ठगी बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई और रकम वापसी की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक, मुख्य आरोपी कौशल सिंह यादव ने विक्रय पत्र में चेक का उल्लेख कर भुगतान का भरोसा दिया। इसके बाद ₹100 के स्टांप पर एक समझौता पत्र बनाकर बकाया रकम देने की बात कही गई। आरोपी ने अपने साथी शिवओम सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी ढकिया तिवारी तहसील तिलहर शाहजहांपुर के साथ मिल विक्रय पत्र पर उससे चेक संख्या डलवा कर बैनामा करवा लिया, और अपने साथी पवन कटियार, पंकज कटियार, अनिल कटियार चंदू आदि से शीघ्र का चेक का भुगतान करने का आश्वासन दिया और खुद भी कौशल यादव ने आईडीबीआई बैंक, फर्रुखाबाद शाखा का चेक संख्या 207047 “केदार ट्रेडर्स” के नाम से दिया और बाकी ₹5 लाख नकद देने का वादा किया, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। यह पूरा गैंग जनपद में काली कमाई के जरिए करोड़ों की जमीनों की खरीद फरोख्त कर अवैध ढंग से बिना लेआउट पास कराये शहर क्षेत्र में कॉलोनिया गुलजार करते आए हैं।

पहले यह गैंग माफिया अनुपम दुबे और उसके गैंगस्टर भाई अनुराग दुबे डब्बन के लिए काम करता था, उनके जेल जाने के बाद अब यह गैंग भाजपा और क्षत्रिय समाज के एक नेता और उनके एक खास गुर्गे के संरक्षण में काम करने लगा है, यह लोग अधिकारियों को गुमराह कर इस गैंग का संरक्षण करते हैं अंदर खाने उनके साथ समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रहे विजय सिंह के परिजन भी शामिल हैं। यह गैंग जिले में नकली डीजल को बनाने का भी काम करता है पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा रोशनाबाद में इस गैंग के मुख्य सदस्य के नकली पेट्रोल पंप पर कार्रवाई कर चुका है और मुकदमा भी पंजीकृत होने के बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है जिसको भाजपा नेताओं के दबाव में तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कार्रवाई किए बगैर दवा लिया था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़िता ने 7 नवंबर 2025 को कौशल यादव की दी हुई चेक को एक्सिस बैंक, ठंडी सड़क शाखा में अपने खाते में लगाया, तो चेक बाउंस हो गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि शुरुआत से ही भुगतान को लेकर धोखाधड़ी की साजिश रची गई थी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा कर जमीन का पंजीकरण अपने साथी शिवओम सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह के नाम करा लिया। बाद में पता चला कि शिवओम सिंह, अनिल कटियार उर्फ चंदू का कर्मचारी है, जिससे इस पूरे मामले में एक संगठित गिरोह की भूमिका सामने आ रही है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने न केवल आर्थिक ठगी की, बल्कि कानूनी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर पीड़िता को जाल में फंसाया। पूरे घटनाक्रम में बैंकिंग प्रक्रिया, फर्जी आश्वासन और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं।

पीड़िता ने 21 अप्रैल 2026 को पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए और उसकी ₹7 लाख की रकम वापस दिलाई जाए।थाना कादरीगेट पुलिस नें जाँच शुरू की है।मामले की जानकारी पुलिस कप्तान को भी दी गईं है।

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