इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री से की अहम बातचीत
एजेंसी: एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ती नजर आ रही हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई टेलीफोन वार्ता में क्षेत्रीय हालात और युद्ध को रोकने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। रूस ने ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा संघर्षविराम को बनाए रखने पर जोर देते हुए शांति बहाली के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत बताई। इस दौरान ईरान ने रूस को भरोसा दिलाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से रूसी जहाजों और कार्गो की आवाजाही निर्बाध बनी रहेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरानी जनता को अमेरिकी नीतियों पर गहरा अविश्वास है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान को दबाव में लाकर झुकाना चाहता है, लेकिन ईरान किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध जारी है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान भी मध्यस्थ की भूमिका में सक्रिय हो गया है। संकेत मिल रहे हैं कि अगले 24 से 48 घंटों में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच सकता है, जहां अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। चर्चा का मुख्य मुद्दा ईरान का संवर्धित यूरेनियम कार्यक्रम रह सकता है, जिस पर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है।
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत कर क्षेत्रीय शांति के लिए संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर से की गई बातचीत भी चर्चा में है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई।


