पहली बार संभालेंगी जिलाधिकारी पद
फर्रुखाबाद
नई जिलाधिकारी के रूप में एक तेज तर्रार और प्रेरणादायक व्यक्तित्व मिला है। वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को जिले की कमान सौंपी गई है। यह उनके प्रशासनिक करियर में जिलाधिकारी के रूप में पहली तैनाती है, जिसे लेकर प्रशासनिक महकमे और जनपद में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हरियाणा के हिसार जनपद के राजगढ़ गांव में 13 दिसंबर 1989 को जन्मी डॉ. अंकुर लाठर ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और जज्बे के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
डॉ. अंकुर लाठर के पिता करण सिंह लाठर पेशे से पशु चिकित्सक हैं, जिनसे उन्हें बचपन से ही सेवा भाव की प्रेरणा मिली। शुरुआती शिक्षा से ही वह पढ़ाई में मेधावी रहीं—उन्होंने हाईस्कूल में 94 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने पीएमटी परीक्षा पास कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स, नई दिल्ली से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और करीब दो वर्षों तक चिकित्सा सेवा भी दी।
हालांकि, एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर होने के बावजूद उनके मन में देश सेवा का जुनून और बड़ा लक्ष्य हासिल करने की चाह थी। इसी प्रेरणा के चलते उन्होंने सिविल सेवा की राह चुनी। वर्ष 2013 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार वर्ष 2016 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार किया।
डॉ. अंकुर लाठर इससे पहले बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं, जहां उन्होंने अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और कार्यकुशलता से अलग पहचान बनाई। अब फर्रुखाबाद की जिलाधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति को जिले के विकास, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनकी यह सफलता की कहानी युवाओं, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है कि असफलता के बाद भी दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।


