प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने की होड़ लगातार तेज होती जा रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए आए आवेदनों ने प्रतिस्पर्धा का स्तर साफ तौर पर उजागर कर दिया है। आयोग को 1253 पदों के लिए कुल 1,14,955 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रति पद औसतन 92 अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।
सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा शिक्षाशास्त्र विषय में देखने को मिल रही है, जहां एक पद के लिए 472 अभ्यर्थी मैदान में हैं। इसके अलावा कंप्यूटर साइंस में एक मात्र पद पर 573 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जो इस भर्ती की सबसे तीव्र प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। इतिहास विषय में एक पद के लिए 194, हिंदी में 185 और राजनीति विज्ञान में 184 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं उर्दू विषय के तीन पदों पर 262 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।
विषयवार आंकड़ों से स्पष्ट है कि पारंपरिक विषयों में सीमित पदों के बावजूद अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे चयन प्रक्रिया और अधिक कठिन हो गई है। बड़ी संख्या में आवेदन आने के चलते आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। अब परीक्षा कंप्यूटर आधारित प्रणाली (CBT) के जरिए आयोजित की जाएगी, जिससे नकल और धांधली पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सीमित अवसर और बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवाओं के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उम्मीदवारों को सफलता के लिए पहले से कहीं अधिक मेहनत और रणनीति की जरूरत होगी।
फिलहाल, इस भर्ती प्रक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के सामने चुनौती पहले से कहीं अधिक कठिन हो गई है और चयन के लिए कड़ा मुकाबला तय है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में कड़ी टक्कर, 1253 पदों पर 1.14 लाख आवेदन; शिक्षाशास्त्र में एक सीट पर 472 दावेदार


