शाहजहांपुर। जनगणना कार्य के चलते बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से परिषदीय विद्यालयों का संचालन प्रभावित होने लगा है। कई स्कूलों में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षामित्रों की ड्यूटी लग जाने से विद्यालय बंद होने की स्थिति बन रही है, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बढ़ रही है।
शिक्षकों का कहना है कि गर्भवती, बीमार और दिव्यांग शिक्षकों की ड्यूटी भी नहीं हटाई गई है। वहीं, जिन शिक्षकों ने ड्यूटी के लिए सहमति दी थी, उनकी ड्यूटी में भी संशोधन नहीं किया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई है। आरोप है कि प्रार्थना पत्र देने के बाद एडीएम अरविंद कुमार द्वारा अवमुक्ति के आदेश के बावजूद प्रशिक्षण में शामिल न होने वाले शिक्षकों पर अनुपस्थिति की कार्रवाई की जा रही है, जिससे असंतोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और शिक्षिकाओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता से मुलाकात कर समस्या रखी। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गर्भवती, बीमार और दिव्यांग शिक्षक-शिक्षिकाओं को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। बीएसए दिव्या गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में कोई भी विद्यालय बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर समस्याओं के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को ड्यूटी संशोधन का प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में जिला मंत्री देवेश वाजपेई, कोषाध्यक्ष रविन्द्र पाल प्रजापति, मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी, सिंधौली अध्यक्ष नवेन्दु मिश्रा, प्रद्युम्न सिंह सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।


