– मौसम विभाग ने दी और भी भीषण गर्मी की चेतावनी
लखनऊ। प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तेज पछुआ हवाओं के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में अचानक उछाल दर्ज किया गया है। हालात ऐसे हैं कि बुंदेलखंड समेत दक्षिणी जिलों में दोपहर के समय तेज धूप और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
मंगलवार को प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इनमें बांदा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और सुल्तानपुर में भी पारा 40 डिग्री के पार चला गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अगले चार से पांच दिनों तक तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की गर्मी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे लोगों को लंबे समय तक लू और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, दक्षिण भारत के कर्नाटक और महाराष्ट्र क्षेत्र में बने प्रति चक्रवात के प्रभाव से यह गर्म हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। इसी कारण प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले एक सप्ताह में इसमें 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि तराई क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों और खुले में काम करने वाले लोगों पर गर्मी का असर अधिक देखने को मिल सकता है। साथ ही, रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे गर्मी का असर दिन-रात दोनों समय बना हुआ है।
प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।


