फर्रुखाबाद। कश्यप निषाद संगठन के तत्वावधान में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य लोगों ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन देश और समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने न केवल संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई, बल्कि शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे बड़ा माध्यम बताया और सभी को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया।
श्याम सुंदर निषाद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहब के सपनों का भारत बनाने के लिए समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कुलदीप कुमार बाथम, जंगाली लाल बाथम, शिवकुमार, डॉ. चरण सिंह, विनोद कुमार, योगीराज, सुरेश चंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कश्यप निषाद समाज ने किया बाबा साहब अंबेडकर को नमन, विचार गोष्ठी में सामाजिक समरसता पर जोर


