कई किसानों का भूसा जलकर राख, मुआवजे की मांग तेज
औरैया
अछल्दा थाना क्षेत्र के गपकापुर गांव में सोमवार सुबह करीब सवा 9 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गेहूं की कटाई के बाद खेत में रखे भूसे में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश किसान अपने-अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तभी अचानक खेतों से उठते घने धुएं और लपटों को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवा के चलते कुछ ही मिनटों में आसपास के कई खेत इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राजेश, जयवीर, कोमल सिंह, श्री कृष्ण और नीरज कुमार के खेतों में रखा भारी मात्रा में भूसा जलकर पूरी तरह राख हो गया। किसानों ने बताया कि यह भूसा उनके पशुओं के चारे के लिए लंबे समय तक उपयोग में आने वाला था, लेकिन एक ही झटके में उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
आग की सूचना मिलते ही गांव के लोग बाल्टी, पाइप, ट्यूबवेल और ट्रैक्टर-टैंकर की मदद से आग बुझाने में जुट गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सामूहिक प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। अगर समय रहते ग्रामीण सक्रिय न होते तो आग और भी बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी, जिससे और अधिक नुकसान होने की आशंका थी।
ग्रामीणों का कहना है कि आग लगने का सही कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। कुछ लोग इसे लापरवाही या किसी चिंगारी का परिणाम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग तेज गर्मी और हवाओं को इसकी वजह बता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन भी आग लगने के कारणों की जांच में जुटा हुआ है।
घटना की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल विकास बाबू मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस आगजनी में केवल भूसा जला है, किसी भी किसान की खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है। वहीं अछल्दा थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित कराया।
इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में गहरा आक्रोश और चिंता देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि भूसा उनके पशुपालन का मुख्य आधार होता है, ऐसे में इसके जल जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ चारे की समस्या का भी सामना करना पड़ेगा। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।
गांव में इस घटना के बाद भय और सतर्कता का माहौल है। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने और आग से सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी मांग की है।


